बड़ी खबर: कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: स्कूल संचालक को पांच साल सश्रम कारावास की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना, पढ़िए क्या है मामला?

बड़ी खबर: कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: स्कूल संचालक को पांच साल सश्रम कारावास की सजा, दो हजार रुपये जुर्माना, पढ़िए क्या है मामला?

बिलासपुर। 28 अक्टूबर 2026| छत्तीसगढ़ बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के निर्मल ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल में बाथरूम की जर्जर दीवार गिरने से सात वर्षीय छात्रा वैशाली साहू की मौत हो गई थी। अदालत ने स्कूल संचालक को दोषी ठहराया है। नवम अपर सत्र न्यायालय के न्यायाधीश अगम कुमार कश्यप ने संचालक नरेश कुमार साहू को गैर इरादतन हत्या के मामले में पांच साल के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर 6 महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगताने का निर्देश कोर्ट ने दिया है।

जानिए क्या है मामला?

घटना चार जनवरी 2022 की है। सरकंडा के गीतांजली सिटी फेस-2 स्थित निर्मल ज्ञानोदय पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाली वैशाली साहू लंच के समय बाथरूम गई थी। इसी दौरान बाथरूम की जर्जर दीवार ढह गई और बच्ची मलबे में दबकर गंभीर रूप से घायल हो गई। उसे उपचार के लिए सिम्स अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

बिना नींव के बनाई गई थी बाथरूम की दीवार

मामले की जांच के दौरान लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता के निरीक्षण में सामने आया कि बाथरूम की दीवार बिना नींव के सीधे फर्श पर खड़ी की गई थी। दीवार जर्जर और असुरक्षित स्थिति में थी। गवाहों और स्कूली बच्चों के बयानों से भी पता चला कि दीवार की हालत खराब थी। उसे गिरने से बचाने के लिए पेड़ के सहारे पत्थर लगाए गए थे। इसकी जानकारी स्कूल संचालक को पहले से थी, लेकिन उसने न तो मरम्मत कराई और न ही बच्चों को वहां जाने से रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए।

किराएदार होने की दलील नहीं आई काम

सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि संचालक स्कूल भवन का मालिक नहीं, बल्कि किराएदार था। यह भी कहा गया कि बच्चों को बाथरूम का उपयोग करने से मना किया गया था। हालांकि, अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया।

अदालत ने माना कि स्कूल संचालक होने के नाते बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी थी। जर्जर दीवार की जानकारी होने के बावजूद लापरवाही बरतने के कारण बच्ची की जान गई। इसी आधार पर अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

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