ADPO ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, तबादला आदेश को दी चुनौती, 50 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता का दिया हवाला

ADPO ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, तबादला आदेश को दी चुनौती, 50 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता का दिया हवाला

बिलासपुर। 18 सितंबर 2026| बिलासपुर जिला न्यायालय में पदस्थ सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी चंद्रकांत सिंह जगत के बिलासपुर से राजनांदगांव तबादले के मामले में हाई कोर्ट ने सक्षम अधिकारी को नए अभ्यावेदन पर 20 दिन में कारणयुक्त आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।

याचिकाकर्ता ने 7 सितंबर 2026 के तबादला आदेश को चुनौती देते हुए बताया कि उन्हें बिलासपुर से राजनांदगांव स्थानांतरित किया गया है और उनकी जगह सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी रिचा जलतारे को पदस्थ किया गया है।

50 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता का दिया हवाला

याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु के सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता सी. जयंत के. राव ने कोर्ट को बताया कि चंद्रकांत सिंह जगत 50 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता से ग्रसित है और सक्षम चिकित्सा प्राधिकारी का वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र उनके पास है। दिव्यांगता के कारण उन्हें आने-जाने और लगातार लंबी दूरी की यात्रा करने में काफी कठिनाई होती है।

अधिवक्ता ने यह भी बताया कि याचिकाकर्ता का बिलासपुर में इलाज चल रहा है, जबकि उनका गृह नगर कोरबा है। ऐसे में राजनांदगांव स्थानांतरण से उन्हें आवागमन में अतिरिक्त कठिनाई होगी।

बिलासपुर में दो पद रिक्त होने का तर्क

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट को बताया गया कि बिलासपुर जिले में सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के दो पद रिक्त हैं। ऐसे में उन्हें इन्हीं में से किसी एक पद पर समायोजित किया जा सकता है और इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव भी नहीं पड़ेगा।

याचिकाकर्ता ने अपनी दिव्यांगता, चिकित्सकीय स्थिति, बिलासपुर में चल रहे इलाज और रिक्त पदों की जानकारी देते हुए सक्षम अधिकारी के समक्ष अभ्यावेदन भी दिया था। उनका कहना था कि इन परिस्थितियों पर उचित तरीके से विचार नहीं किया गया।

10 दिन में नया अभ्यावेदन, फिर 20 दिन में फैसला

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने सभी दस्तावेजों के साथ नया अभ्यावेदन पेश करने की अनुमति मांगी। राज्य की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनिल पांडेय ने कहा कि नया अभ्यावेदन मिलने पर उस पर नियमानुसार निर्धारित अवधि में निर्णय लिया जाएगा।

हाई कोर्ट ने तबादला आदेश की वैधता के गुण-दोष में गए बिना याचिकाकर्ता चंद्रकांत सिंह जगत को 10 दिन के भीतर नया अभ्यावेदन सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने की अनुमति दी। इसमें विशेष रूप से उनकी 50 प्रतिशत लोकोमोटर दिव्यांगता, चिकित्सकीय स्थिति और बिलासपुर में उपलब्ध दो रिक्त पदों का उल्लेख करना होगा। अभ्यावेदन की प्रति और हाई कोर्ट के आदेश की प्रति मिलने के बाद सक्षम अधिकारी को 20 दिन के भीतर कारणयुक्त एवं स्पष्ट आदेश पारित करना होगा। इन निर्देशों के साथ कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दिया है।

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