मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने बहनों को दिया रक्षाबंधन उपहार, सितंबर माह में मिलने वाली महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी, बहने बोलीं-विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं…

मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने बहनों को दिया रक्षाबंधन उपहार, सितंबर माह में मिलने वाली महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त जारी, बहने बोलीं-विष्णु भैया ने हमारी खुशियां दोगुनी कर दीं…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री विष्णु भैया ने प्रदेश की बहनों को बड़ी सौगात दी हैं। 25 अगस्त को बालोद जिले के विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डीलोहारा में आयोजित बिहान दीदी और स्व-सहायता समूह के सम्मेलन में महतारी वंदन योजना की 31 वीं क़िस्त सीएम ने जारी कर दी हैं। मालूम हो कि योजना के तहत मिलने वाली राशि हर माह 2 से 10 तरीख के बीच महिलाओं के खातों में ट्रांसफर की जाती हैं। इस बार सितंबर माह की राशि 25 अगस्त को ही महतारियों के खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। मुख्यमंत्री की इस पहल से महिलाओं के चेहरों पर खुशी और मन में आत्मविश्वास दिखाई दे रहा है।

बहनों के लिए ‘विष्णु भैया’ का रक्षाबंधन उपहार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सावन के पवित्र महीने और रक्षाबंधन के ठीक पहले मातृशक्ति के सम्मान के इस कार्यक्रम में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। रक्षाबंधन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सितंबर माह की किस्त भी 25 अगस्त को ही बहनों के खातों में पहुंचाने का निर्णय लिया, ताकि त्योहार की खुशियां और बढ़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि इसने महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का नया भाव पैदा किया है। अब हमारी माताओं-बहनों को अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। वे इस राशि का उपयोग अपने स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, बचत और छोटे व्यवसाय जैसी जरूरतों में कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों के खातों में लगभग 20 हजार करोड़ की राशि अंतरित की जा चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की जो गारंटी दी थी, राज्य सरकार उसे पूरी प्रतिबद्धता से धरातल पर उतार रही है।

बहनों ने ‘विष्णु भैया’ को सुनाई आत्मनिर्भरता की कहानी

समारोह का सबसे आत्मीय अवसर तब आया, जब मुख्यमंत्री साय ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से सीधे संवाद किया। महिलाओं ने बताया कि योजना से मिलने वाली नियमित राशि ने उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के साथ उन्हें आर्थिक फैसले लेने का आत्मविश्वास भी दिया है।

मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों को ध्यान से सुना और कहा कि जब कोई बहन महतारी वंदन की राशि को बचाकर अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करती है, बच्चों की पढ़ाई में लगाती है अथवा स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ती है, तो इस योजना का वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि छत्तीसगढ़ की हर माता-बहन आत्मनिर्भर बने, उसके सपनों को पंख मिलें और उसकी सफलता से पूरा परिवार सशक्त हो।

महिलाएं बन रहीं विकास की नेतृत्वकर्ता

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज विभिन्न आजीविका गतिविधियों और उद्यमों के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना रही हैं।

उन्होंने ड्रोन दीदी पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी बहनें आधुनिक तकनीक से भी जुड़ रही हैं। ड्रोन के माध्यम से खेतों में खाद एवं अन्य कृषि आदानों का छिड़काव कर वे किसानों को सेवाएं देने के साथ अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण की यही यात्रा विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव बनेगी।

गौरेला में वर्षा राठौर के लिए भी महतारी वंदन योजना की किस्त विशेष उपहार बनकर आई

गौरेला विकासखंड के ग्राम सेमरा निवासी वर्षा राठौर के लिए भी महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त रक्षाबंधन से पहले विशेष उपहार बनकर आई। खाते में एक हजार रुपये की राशि पहुंचने पर उनके चेहरे पर खुशी साफ झलक उठी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा बहनों के सम्मान, स्वावलंबन और आर्थिक मजबूती के लिए संचालित यह योजना उनके जैसे परिवारों के लिए निरंतर सहारा बन रही है।

वर्षा राठौर बताती हैं कि महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि घर-परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। बच्चों की पढ़ाई, घरेलू आवश्यक सामग्री और अन्य जरूरी खर्चों में यह राशि काफी मददगार साबित होती है। नियमित रूप से राशि खाते में आने से उन्हें आर्थिक संबल के साथ अपनी आवश्यकताओं के लिए स्वयं निर्णय लेने का भरोसा भी मिला है।

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बन रही है। हर महीने मिलने वाली सहायता से महिलाओं को परिवार की जिम्मेदारियों में अपनी भागीदारी और अधिक मजबूती से निभाने का अवसर मिल रहा है।

रक्षाबंधन से ठीक पहले 31वीं किस्त मिलने की खुशी जाहिर करते हुए वर्षा राठौर ने भावुक होकर कहा, “हमारे विष्णु भैया ने राखी से पहले 30वीं किस्त जारी कर हम सभी बहनों की खुशियां दोगुनी कर दी हैं। इसके लिए मैं विष्णु भैया का हृदय से धन्यवाद करती हूं।”

सरगुजा में 31वीं किस्त से बढ़ा रक्षाबंधन का उत्साह

जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े भी महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही हैं। ममता महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और जेंडर गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत उन्हें प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि नियमित रूप से प्राप्त हो रही है। रक्षाबंधन से पहले 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस बार त्योहार की तैयारियां उनके लिए आसान हो गई हैं।

ममता ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों में उनका सहारा बढ़ाया है। किस्त मिलने के बाद उन्होंने अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था की। इससे त्योहार की तैयारियां सहज हुईं और परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

महिलाओं की जरूरतों का बन रहा नियमित सहारा

ममता ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। इस राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतें पूरी करने के साथ परिवार के खर्चों में भी सहयोग कर पा रही हैं। योजना ने महिलाओं को आर्थिक निर्णयों में भागीदारी बढ़ाने और आत्मविश्वास के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने का अवसर दिया है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार की यह पहल उनके जैसे अनेक परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बनी है। नियमित सहायता राशि से जरूरत के समय किसी के सामने हाथ फैलाने की स्थिति कम हुई है और महिलाओं में आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हुई है।

“विष्णु भैया का यह उपहार बहनों के लिए किसी सौगात से कम नहीं”

ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें अपना “विष्णु भैया” बताया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने कहा, “विष्णु भैया की सरकार बहनों के सम्मान और जरूरतों का ध्यान रख रही है। रक्षाबंधन के समय मिली सहायता से त्योहार की खुशियां बढ़ी हैं और हमें आर्थिक संबल मिला है।”

ममता ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद, आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है। उन्होंने योजना के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महिलाओं के हाथ में नियमित आर्थिक सहायता पहुंचने से वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।

राखी, मिठाई और परिवार की जरूरतें पूरी करने में भी मिल रहा आर्थिक संबल

रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत झुमरपारा की निवासी सरिता राजवाड़े के परिवार में भी खुशियों का माहौल है।

सरिता राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त मिलने से उन्हें काफी खुशी हुई है। रक्षाबंधन जैसे महत्वपूर्ण पर्व से पहले आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीद सकेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व को पूरे उत्साह से मनाने का अवसर भी लेकर आई है।

उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती है। महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से इस बार वे भी अपने भाई के लिए पसंद की राखी और मिठाई खरीदने के साथ उन्हें उपहार दे सकेंगी। इससे त्योहार की खुशियां और भी बढ़ गई हैं।

परिवार की जरूरतों में भी बन रहा सहारा

सरिता ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की जरूरतों और आजीविका से जुड़े खर्चों में इस राशि का उपयोग किया जा रहा है। नियमित आर्थिक सहायता से परिवार के छोटे-बड़े खर्चों को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिलती है और अचानक सामने आने वाली जरूरतों के लिए भी आर्थिक सहारा मिलता है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से वे अपनी और परिवार की जरूरतों के अनुसार राशि का बेहतर उपयोग कर पा रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना मजबूत हो रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिलने वाली राशि से जहां वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदेंगी, वहीं परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह आर्थिक सहायता उपयोगी होगी।

जांजगीर चांपा की किस्त बनी अनिता के लिए खुशियों की सौगात

जिले अंतर्गत नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पेंड्री निवासी अनिता कश्यप के लिए इस बार रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की किस्त का उनके खाते में पहुंचना ऐसी ही खुशियों की सौगात बनकर आया। खाते में 1,000 रुपये की राशि प्राप्त होने पर उन्होंने इसे परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उपयोगी आर्थिक सहयोग बताया।

अनिता कश्यप बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि उनके लिए रोजमर्रा की कई जरूरतों में सहायक साबित होती है। बच्चों की पढ़ाई, घर की आवश्यक सामग्री और अचानक सामने आने वाले छोटे-बड़े खर्चों में यह राशि उपयोगी होती है। हर महीने खाते में राशि आने से उन्हें यह भरोसा रहता है कि जरूरत के समय उनके पास स्वयं की आर्थिक सहायता उपलब्ध है।

रक्षाबंधन से ठीक पहले किस्त की राशि मिलने पर अनिता कश्यप ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, “महतारी वंदन योजना की से मुझे बहुत खुशी हुई है। रक्षाबंधन से पहले राशि मिलने से त्योहार की खुशी और बढ़ गई है। मैं मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूं।”

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