CG Crime News: फर्जी कंसल्टेंसी एजेंसी ने छात्रा से ठग लिए 12 लाख रुपये, ट्रिपल आईटी में एडमिशन का दिया था झांसा

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बिलासपुर। 01 अगस्त 2026| सोशल मीडिया पर एडमिशन कंसल्टेंसी का आकर्षक विज्ञापन दिखाकर बिलासपुर की एक छात्रा से 12 लाख रुपए की साइबर ठगी कर ली। ठगों ने ‘प्राइम पाथ एडमिशन कंसल्टेंसी’ के नाम से फर्जी प्रोफाइल तैयार कर छात्रा को ट्रिपल आईटी हैदराबाद में दाखिला दिलाने का झांसा दिया। ACCU और तारबाहर पुलिस टीम्र कंसल्टेंसी और इस तरह की अन्य एंजेसियों की जानकारी जुटा रही है। जिन खातों ने में छात्रा के परिजनों ने रुपए ट्रांजेक्शन किया है, उसकी जानकारी, बैंकों को मेल कर मांगी है।
विनोबा नगर निवासी ऋषिका तिवारी ने 12वीं के बाद सोशल मीडिया पर एडमिशन कंसल्टेंसी का विज्ञापन देखा था। संपर्क करने पर बी. भास्कर नायडू, सारिका, हेमंत म्हात्रे और अदिति नाम के लोगों ने खुद को कंसल्टेंसी से जुड़ा बताकर फर्जी पहचान के जरिए बातचीत शुरू की। आरोपियों ने छात्रा को एसएटी परीक्षा के माध्यम से ट्रिपल आईटी हैदराबाद में सीधे प्रवेश दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके बदले बतौर डोनरेशन 12 लाख रुपए की मांग की। दाखिले की उम्मीद में छात्रा के परिजनों ने ठगों के बताए बैंक खातों में राशि ट्रांसफर कर दी।
पुणे और हैदराबाद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए 12 लाख
परिजनों ने 6 जून को पुणे स्थितकोटक महिंद्रा बैंक के खाते में 4 लाख रुपए और 7 जुलाई को हैदराबाद स्थित कोटक महिंद्रा बैंक खाते में 8 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से जमा किए। रुपए मिलने के बाद आरोपी 27 जुलाई तक वाट्सएप पर एडमिशन प्रक्रिया पूरी होने का भरोसा दिलाते रहे। इसके बाद 28 जुलाई की शाम से सभी आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। ठगी का एहसास होने पर छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
ठगी के ऐसे कई मामलों की चल रही जांच
ऑनलाइन ठगी और फर्जी एडमिशन कंसल्टेंसी से जुड़े ऐसे कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। पुलिस अलग-अलग प्रकरणों में बैंक खाते, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया प्रोफाइल और ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है।
एएसपी (सिटी) बिलासपुर पंकज पटेल का कहना है, सोशल मीडिया के जरिए किसी तरह की कोई बुकिंग के लिए एडवांस पेमेंट न करें। एडमिशन या अन्य किसी तरह की कंसल्टेंसी का प्रोफाइल देखकर उनके झांसे में आने से बचे। अब ठग फेक प्रोफाइल व साइड पर नंबर अपलोड कर लोगों को आसानी से सायबर ठगी का शिकार बना रहे हैं। सतर्कता से ही लोग वित्तीय ठगी से बच सकते हैं।

