सर्पदंश मुआवजा स्कैम: CCTV कैमरे से लैस होगा सिम्स का मॉर्चुरी, आने-जाने वालों पर रहेगी पैनी नजर

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CG Crime News
CG Crime News: बिलासपुर। सर्पदंश मुआवजा स्कैम की शुरुआत सिम्स के मॉर्चुरी से होकर तहसील और एसडीएम कार्यालय में जाकर पूरा होता था। पोस्ट मार्टम में गड़बड़ी के बाद सरकारी खजाने काे लुटने के लिए संगठित गिरोह के शातिर अपराधी अपने काम पर जुट जाते थे। इसे देखते हुए अब सिम्स के मॉर्चुरी को सीसीटीवी कैमरे से लैस करने का निर्णय लिया है।
सर्पदंश से मौत के मामलों में मुआवजा दिलाने के नाम पर सामने आए कथित फर्जीवाड़े की जांच का असर अब सिम्स की कार्यप्रणाली पर भी दिखाई देने लगा है। मंगलवार को डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने सिम्स चौकी प्रभारी सीपी पांडेय, फोरेंसिक मेडिसिन – विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञानेन्द्र और अन्य संबंधित कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिया है, सर्पदंश से जुड़े प्रत्येक मृत्यु प्रकरण का गहन परीक्षण किया जाए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यात्मक, स्पष्ट व प्रमाणिक तैयार की जाए। किसी भी संदिग्ध परिस्थिति की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को देने के भी निर्देश दिए गए। जांच के बीच बुधवार को डीन ने मॉर्चुरी का निरीक्षण किया और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए तीन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
कैमरे मुख्य प्रवेश द्वार, उसके सामने वाले हिस्से और परिजनों के प्रतीक्षा शेड के पास लगाए जाएंगे। इस संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल गई है। सिम्स प्रबंधन ने कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि यदि कोई कर्मचारी किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या अवैध गतिविधि में शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी पारदर्शिता से होगी और किसी भी दोषी को संरक्षण नहीं दिया जाएगा।
बता दें, सर्पदंश मुआवजा फर्जीवाड़े के मामले में अब तक 15 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। डॉक्टर, चौकी में पदस्थ होमगार्ड के जवान समेत 11 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। जानकारी के अनुसार पुलिस जल्द ही सिम्स के कुछ कर्मचारी समेत तहसीलदारों से भी पूछताछ कर सकती है, जिससे मामले का दायरा और बढ़ने की संभावना है।
सिम्स के डीन डॉ रमणेश मूर्ति ने बताया, मॉर्चुरी आने-जाने वालों पर नजर रखने के लिए तीन सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सिम्स चौकी प्रभारी और पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की बैठक लेकर सभी को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

