उरला फैक्ट्री ब्लास्ट: 3 मजदूरों की मौत… 200 मीटर दूर गिरे शवों के टुकड़े, नाबालिग से कराया जा रहा था काम, ना था सुरक्षा का इंतज़ाम, रायपुर की फैक्ट्री में हादसे की कहानी

उरला फैक्ट्री ब्लास्ट: 3 मजदूरों की मौत… 200 मीटर दूर गिरे शवों के टुकड़े, नाबालिग से कराया जा रहा था काम, ना था सुरक्षा का इंतज़ाम, रायपुर की फैक्ट्री में हादसे की कहानी

इमेज- इंटरनेट 

Raipur Urla Factory Blast

Urla Factory Blast: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के उरला में मंगलवार की शाम को भीषण विस्फोट हुआ. उरला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेंद्री स्थित एक 3डी फैक्ट्री में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने (3D Factory Oxygen Cylinder Blast) की वजह से ब्लास्ट हो गया. जिसमे तीन मजदूरों की मौत हो गई.

 3डी फैक्ट्री में ब्लास्ट 

घटना उरला थाना क्षेत्र स्थित बेंड्री की 3डी इनोवेशन फैक्ट्री की है. हादसा ऑक्सीजन सिलेंडर में बलासर की वजह से हुआ है. मृतकों की पहचान 17 साल अरुण पांडेय, कमल सिंह और लाल सिंह के रूप में हुई है. मृतक कमल सिंह और लाल सिंह मध्य प्रदेश के डिंडौरी के रहने वाले थे.अरुण पांडे छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले का रहने वाला था.

कैसे हुआ हादसा 

जानकारी के अनुसार, 3डी इनोवेशन फैक्ट्री एक आयरन-प्रोसेसिंग कंपनी है. इसके मालिक जेपी गोयल और नारायण सीईओ है. फैक्ट्री के पास की क्वार्टर भी है जहाँ मजदुर रहते हैं. रोज की तरह फैक्ट्री की एक यूनिट में टेपिंग का काम चल रहा था. अरुण पांडेय भी टेपिंग कर रहा था. जहाँ टेपिंग का काम चल रहा था वहां ऑक्सीजन सिलेंडर रखे थे.

ऑक्सीजन सिलेंडर में धमाका 

वहीँ, पास में कमल सिंह और लाल सिंह खाना बना रहे थे. इसी बीच ऑक्सीजन सिलेंडर में धमाका हो गया. लोग जब तक कुछ समझ पाते तब तक आसपासकाम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए. फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई. सूचना मिलते ही उरला पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत-बचाव अभियान शुरू किया.

200 मीटर दूर गिरे शवों के टुकड़े 

हादसा इतना भीषण था कि लाल सिंह और अरुण पांडे की मौके पर ही मौत हो गई थी. जबकि कमल की अस्पताल ले जाने के दौरान जान चली गयी. 200 मीटर दूर शवों के टुकड़े बिखर गए थे. हादसे के बाद सीनियर अधिकारियों और फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने घटना की जांच के लिए पहुंची. 

प्राथमिक जांच में हुए ये खुलासे 

प्राथमिक जांच में बेहद ही चौंकाने वाले खुलासे हुए. यहाँ नाबालिग से काम कराया जा रहा था. फैक्ट्री में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं जा रहा था. उनसे भारी-भरकम काम लिया जा रहा था. इसके अलावा सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं किये गए थे.  ना जूता, ना हेलमेट कुछ उपलब्ध नहीं था. वहां काम करने वाले मजदूरों का कहना है उसने सुरक्षा इंतज़ाम के बदले पैसे की मांग की जाती थी. फिलहाल टीम अभी विस्फोट के कारणों का पता लगाने की कोशिश कर रही है. जिसके बाद फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. 

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