CG News: सुशासन तिहार: ग्राउंड जीरो पर पहुंच रहे CM विष्णुदेव, लोगों का टटोल रहे नब्ज, कामकाज का ले रहे फीडबैक

रायपुर।13 मई 2026| कबीरधाम के दौर के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव राजमिस्त्री की भूमिका में नजर आए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण में जुटी महिलाओं के बीच पहुंचे। सीएम की सहजता और सौम्य छवि का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है, वे सीधे पीएम आवास निर्माण कार्य में लगी महिलाओं के बीच पहुंचते हैं। अपना परिचय देते हैं और जमीन पर बैठकर उनके साथ उनका ही टिफिन खाते हैं। इसमें कहीं से भी कोई दिखावटीपन नजर नहीं आता। सहजता ऐसी, भोजन करते-करते इतने घुलमिल जाते हैं, एक महिला महतारी वंदन योजना का लाभ ना मिलने की बात बताती है और लाभ के लिए गुहार भी लगाती है। यह सीएम के सहजता और अपनों के साथ उसी अंदाज में पेश आने का प्रतिफल है, ग्रामीण महिलाएं बिना संकोच सरकार रके मुखिया के सामने अपनी बात ना केवल सहजता के साथ रख रही हैं, अधिकारपूर्वक काम के लिए बोल भी रही हैं। असली मायने में यही है विष्णुदेव साय सरकार का सुशासन।
छत्तीसगढ़ में इन दिनों सिर्फ और सिर्फ सुशासन तिहार का दौर चल रहा है। राज्य सरकार इस तिहार के जरिए केंद्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं की ग्राउंड जीरो पर जाकर पड़ताल कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय प्रदेश के जिलों की औचक निरीक्षण कर रहे हैं। ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर सरकारी योजनाओं और इसके क्रियान्वयन की जिन अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, हकीकत से सीधेतौर पर रु-ब-रू हो रहे हैं।
सौम्य छवि वाले सीएम का कड़क तेवर
आमतौर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की छवि सौम्य और कूल रहने वाले नेता के रूप में देखी और सुनी जाती है। कुछ एक अवसर को छोड़ दें तो हमेशा शांतभाव से कामकाज को परखने और अफसरों को निर्देश देने में भरोसा रखने वाले सीएम विष्णुदेव का, हाल के दिनों में बलरामपुर में संभागीय बैठक के दौरान उनका कड़क रूप और ऐसा ही स्वभाव देखने को मिला। राज्य की सड़कों को लेकर जनता बेहद परेशान है। लिहाजा संभागीय बैठक के दौरान बलरामपुर जिले की सड़कों को लेकर पीडब्ल्यूडी के अफसर के जवाब से वे उखड़ गए और मीटिंग से अफसर को सीधे बाहर का रास्ता दिखा दिया। उनके इस स्वभाव को देखकर अफसर पूरे समय सहमे रहे। जिले के कलेक्टर के कामकाज को लेकर नाराजगी जताई। सरगुजा से राजधानी लौटने के कुछ ही दिनों में बलरामपुर कलेक्टर की विदाई हो गई। बलरामपुर के अलावा चार जिले के कलेक्टर बदल गए। बलरामपुर में जो ट्रेलर दिखाई दिया उसका असर अब प्रदेश के अन्य जिलों में दिखाई देने लगा है। कलेक्टर से लेकर अफसर सहमे-सहमे नजर आ रहे हैं। सहमे ही नहीं, सरकारी योजनाओं की रफ्तार अपने आप बढ़ते दिखाई दे रही है।
योजनाओं की पड़ताल और फीडबैक के बहाने बना रहे रणनीति
सीएम का औचक निरीक्षण कई मायने में बेहद गंभीर और संजीदा है, वे जहां भी जा रहे हैं, सीधे ग्राउंड जीरो पर पहुंच रहे हैं और योजनाओं की बारिकी से पड़ताल कर रहे हैं। कबीरधाम जिले में मुख्यमंत्री का अंदाज एकदम अलग दिखाई दिया। प्रधानमंंत्री आवास योजना के तहत महिलाएं मकान बनाने का काम कर रही थी। वहां उनका काफिला रुक गया। सीएम कार से उतरे और सीधे महिलाओं की ओर रुख किया। सीएम को आते देख महिलाएं अपनी जगह पर ठिठक गई। तब महिलाएं दोपहर भोजन के लिए हाथ में टिफिन लिए छांव की तलाश में थी। सीएम उनके पास पहुंचे, अपना परिचय दिया और पेड़ के छांव तले उनके साथ बैठ गए। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री ने महिलाओं से एक टिफिन लिया, और उनके साथ उनके टिफिन से भोजन किया। भोजन करते वक्त महिलाओं से योजनाओं के बारे में पूछना शुरू किया। पीएम आवास को लेकर पूछा, सहजता से मिल जा रहा है या फिर अधिकारी कमीशनखोरी कर रहे हैं। आवास दिलाने के नाम पर कोई पैसा तो नहीं मांगता। महतारी वंदन योजना को लेकर सीएम ने सीधे सवाल किया। मतलब ये, ग्रामीणों के साथ भोजन करना और इस बहाने ग्राउंड जीरो पर जाकर योजनाओं की जानकारी लेने का काम सीएम खुद ही कर रहे हैं। सरकार के कामकाज की पूरी रिपोर्ट वे सीधेतौर पर ले रहे हैं।

