छत्तीसगढ़ से कमाने-खाने गए श्रमिकों के बच्चों की गई जान, यूपी के ईट भट्ठे के गड्ढे में हादसा…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के धान की कटाई के बाद ज्यादातर श्रमिक दूसरे राज्यों में जाकर काम करते हैं। ऐसा ही एक परिवार उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला गया था। वहां सभी ईंट भट्ठे में काम करते थे। श्रमिक परिवार की खुशियों पर उस वक्त ग्रहण लग गया, जब उनकी तीन संतानों की हादसे में मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दुख जताया है और अफसरों को आदेश दिया है कि प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद की जाए।
घटनाक्रम के बारे में मिली जानकारी के अनुसार कुशीनगर जिले के कसया थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह ग्रामसभा मैनपुर के टोला दीनापट्टी में यह हादसा हुआ है। बताया जाता है कि बारिश के कारण वहां के पंकज ईट भट्ठे के पास गड्ढे में पानी भर गया था। यह गड्ढा मिट्टी निकालने के कारण हुआ है। पुलिस को मिली सूचना के आधार पर बताया गया है कि चार बच्चे खेलते हुए सुबह करीब सात बजे गड्ढे के पास पहुंच गए थे। चार में से एक बच्चा गड्ढा में जा गिरा तो बाकी बचाने के लिए गड्ढे में कूद पड़े। आखिरकार तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची किसी तरह खुद को बचा कर गड्ढे से बाहर आ गई। उसी ने रोते- बिलखते हुए परिजनों को घटना की जानकारी दी थी। आनन- फानन में परिजन बच्चों को लेकर तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए, लेकिन डॉक्टरों ने तीन बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
शनिवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे दीनापट्टी गांव स्थित पंकज ईट उद्योग भट्टे के आसपास सब-कुछ ठीक चल रहा था और सभी अपने काम में लगने की तैयारी कर रहे थे। तभी यह हादसा हुआ। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के फरहदा निवासी पंचु का बेटा अभय (3 वर्ष), फरहदा के ही सुखन की बेटी अनुष्का (ढाई वर्ष) और स्वीटी (8 वर्ष) के साथ जांजगीर चांपा के बाना अकलतरा निवासी लखन की बेटी अनन्या (7 वर्ष) खेल रही थी। पुलिस ने जांच में माना है कि खेलते हुए एक बच्चा अचानक गड्ढे की ओर गया और सीधे पानी में समा गया। वह छटपटाने लगा तो उसे बचाने के लिए बाकी तीन भी गड्ढे में कूछ गए। सबसे बड़ी स्वीटी थी, उसने भी सभी को बचाने का प्रयास किया, मगर विफल रही। तब वह किसी तरह गड्ढे से बाहर निकली और रोते हुए परिजनों की ओर भागी। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजनों के हाथ कुछ नहीं लगा, तीन बच्चों की जान जा चुकी थी। जीवित बचा लेने की आस में अस्पताल की ओर भागे, वहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
आपदा कोष से चार- चार लाख की मदद-
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरा दुख जताया है। साथ ही जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि तत्काल प्रभावित परिवारों की मदद की जाए। जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर ने भी तत्काल आपदा राहत कोष से मृतक बच्चों के परिजनों को चार- चार लाख रुपये की मदद देने की घोषणा की है। इसके अलावा पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यों की कमेटी का गठन कर दिया गया है।

