Korba Elephent Attack: हाथी ने दो दिन में ली दो की जान…महिला को कुचलकर उतारा मौत के घाट, पति ने भागकर बचाई अपनी जान

Hathi Ke Hamle Me Maut: कोरबा। हाथियों का आतंक बिलासपुर संभाग में बढ़ता ही जा रहा है हाथी अब सरगुजा और बस्तर के जंगलों को छोड़कर मैदानी जिलों में भी रुक कर रहे हैं और अपना तांडव मचा रहे हैं हाथी के हमले में फिर से एक महिला की मौत कोरबा जिले में हो गई है बता दे एक दिन पहले भी हाथी ने गांव में एक घर में घुसकर एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था एक सप्ताह के अंदर तीन लोगों की मौत हाथियों के हमले में हुई है। जबकि दो घायल भी हैं।
ताजा मामला कटघोरा वन मंडल के जटगा वन परिक्षेत्र के ग्राम बिँझरा की हैं। यहां दंतैल हाथी ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया। हमले में पति ने भाग कर किसी तरह अपनी जान बचाई वही पत्नी को हाथी ने कुचल कर मार डाला। मिली जानकारी के अनुसार मृतका 36 वर्षीया मीना बाई अपने पति रामकुमार के साथ गांव से लगे हुए जंगल में तड़के शौच करने गए हुए थे। शौच कर वापस लौट रही थी। शौच कर वापस लौटते समय अचानक दंतैल हाथी से सामना हो गया। हाथी ने पति-पत्नी पर हमला कर दिया। हाथी को देख पति भाग निकला पर पत्नी को भागते समय हाथी ने मौत के घाट उतार दिया।
सूचना मिलते ही वन विभाग और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। मामले में डीएफओ निशांत झा ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए मृतक के परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि 25 हजार रुपए प्रदान किया गया। हाथी के मूवमेंट पर वन विभाग की टीम नजर रख रही हैं।
बताया जा रहा है कि बिलासपुर रेंज से दंतैल हाथियों का दल विचरण कर रहा था। जिसमें से एक हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया है और कटघोरा वन मंडल पहुंच गया है। कल ही कटघोरा वन मंडल के चैतमा वन परिक्षेत्र के बेरिउमरांव गांव के नीमपानीटोला में हाथी ने सो रहे पति– पत्नी पर हमला कर दिया। पति ने खाट के नीचे छुप कर अपनी जान बचाई जबकि भाग रही पत्नी को दौड़ा– दौड़ा कर हाथी ने मार डाला।
इससे 5 दिनों पहले भी बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में शहर से लगे खपराटोल गांव में धान की रखवाली के लिए घर के बाहर सो रही महिला को कुचल कर मार डाला था,जबकि उसका 12 साल का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद पड़ोस के पौंसरा गांव में घुस उसी हाथी ने एक अन्य व्यक्ति को भी घायल कर दिया था। वन विभाग ने हाथी से दूर रहने,जंगल नहीं जाने और अंधेरा होते ही बाहर नहीं निकलने की मुनादी करवाई है।
