10 हजार रूपये शिकायतकर्ता को देने करने के आदेश

हरिद्वार। जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग ने दि ओरियन्टल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड व उसके स्थानीय प्रतिनिधि को उपभोक्ता सेवा में कमी करना पाते हुए उन्हें विवादित वाहन की कीमत पांच लाख 10 हजार रूपये मय छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज ,क्षतिपूर्ति के 20 हजार व वाद खर्च और अधिवक्ता फीस के रूप में 10 हजार रूपये शिकायतकर्ता को देने हैं।

ज्वालापुर निवासी शिकायतकर्ता आयुष राजपूत ने एक बीमा कंपनी के स्थानीय,क्षेत्रीय प्रतिनिधि व विक्रेता,सर्विस सेंटर संचालक के खिलाफ आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें कहा था कि उन्होंने डीडीपीएम ऑटोमोबाइल एलएलपी अजबपुर खुर्द देहरादून से माह जनवरी 2017 में छह लाख दो हजार 112 रूपये में एक चार पहिया वाहन खरीदा था। शिकायतकर्ता को बाद में पता चला कि वाहन एक वर्ष पहले बना हुआ है, जिसको नई कार बताकर बेच दिया है। वर्ष 2018 में नई बीमा पॉलिसी ली गई थी। जिसके बाद माह फरवरी 2018 की रात को शिकायतकर्ता का वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर पूरी तरह खत्म हो गया था। जबकि एयर बैग होने पर सभी सवार लोग बच गए थे। दुर्घटना की सूचना देकर वाहन विक्रेता के पास जमा करा दिया गया था। सर्विस सेंटर पर बीमा पॉलिसी दिखाने पर पता चला था कि बीमा कंपनी ने पॉलिसी गलत बना रखी है। बीमा कंपनी व सर्विस सेंटर ने कोरे कागज व खाली क्लेम फॉर्म पर उसके हस्ताक्षर करा लिए थे।। सर्विस सेंटर ने वाहन का रिपेयरिंग एस्टीमेट 4 लाख, चार हजार 256 हजार रुपये का बनाकर दिया था। बार बार कहने के बावजूद भी तीनों ने क्लेम देने से मना कर दिया था। मामले की सुनवाई के बाद आयोग अध्यक्ष गगन गुप्ता सदस्य डॉक्टर अमरेश रावत तथा रंजना गोयल ने स्थानीय व देहरादून प्रतिनिधि बीमा कंपनी को उपभोक्ता सेवा में कमी करने का दोषी पाया है। जबकि वाहन विक्रेता व सर्विस सेंटर के विरुद्ध शिकायत निरस्त कर दी है।

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