IAS Success Story: नायब तहसीलदार से IAS तक का सफर, दुर्ग के बेटे वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की वो कहानी, जो हर UPSC एस्पिरेंट को पढ़नी चाहिए!

सोर्स- इंटरनेट, एडिट- NPG News
Virendra Bahadur Panchbhai
IAS Success Story: दुर्ग, कहा जाता है धैर्य, मेहनत और समर्पण हो तो सफलता जरूर मिलती है. ऐसी ही कहानी छत्तीसगढ़ के आईएएस वीरेंद्र बहादुर पंचभाई की है. आईएएस वीरेंद्र बहादुर पंचभाई पहले अधिकारी हैं जो नायब तहसीलदार कैडर से आईएएस बने हैं. शुरुआत उन्होंने नायब तहसीलदार से की और अब प्रमोट होकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) बन गए. छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. उनका यह सफर लाखों युवाओं के लिए किसी मोटिवेशन से कम नहीं है.
दिल्ली में हुई डीपीसी में छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सेवा के सात अधिकारियों को भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के लिए प्रमोट किया गया है. जिसमे वीरेंद्र बहादुर पंचभाई का नाम भी शामिल है. वीरेंद्र बहादुर पंचभाई तहसीलदार से आईएएस बनने वाले सूबे के पहले शख्स हैं. वे पहले तहसीलदार रहे, फिर राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट में प्रमोट हुए और अपर कलेक्टर बने. वहीँ, अब आईएएस बन. गए हैं.
कौन है वीरेंद्र बहादुर पंचभाई
आईएएस वीरेंद्र बहादुर पंचभाई वर्तमान में नारायणपुर में अपर कलेक्टर हैं. वो मूल से छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के रहने वाले हैं. वीरेंद्र बहादुर पंचभाई विचारपुर नवागांव और नादगांव में हुई है. राजनांदगांव से उच्च शिक्षा प्राप्त की है. उच्च शिक्षा के बाद वे सहायक प्राध्यापक की नौकरी करने लगे. ये उनकी पहली सरकारी नौकरी थी.
साल 1993 में आरक्षित कोटे से उनका चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है. उस दौरान मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही थे. वो कई साल तक सेवा देते रहे. वे अभनपुर में नायब तहसीलदार और तहसीलदार के पद पर रहें. सालों बाद उन्होंने सफलता की एक और सीधी चढ़ी और साल 2010 में राज्य प्रशासनिक सेवा में उनका चयन हो गया.
वीरेंद्र बहादुर पंचभाई कैसे बने आईएएस
राज्य प्रशासनिक सेवा में प्रमोट होने के बाद रायपुर में अपर कलेक्टर बने गए. वीरेंद्र बहादुर पंचभाई रायपुर में लम्बे समय तक अपर कलेक्टर रहे. इसके बाद फरवरी 2024 में नक्सल प्रभावित क्षेत्र नारायणपुर में अपर कलेक्टर बनाये गए. तब से वो नारायणपुर में सेवा दे रहे हैं. वहीँ अब उनका चयन राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस के लिए हुआ है. वीरेंद्र बहादुर पंचभाई अब आईएएस बन गए हैं.

