CG Bilaspur High Court News: नाराज चीफ जस्टिस ने कहा: सड़कें बनाना और उसे दुरुस्त रखना सरकारी एजेंसियों का काम है, हाई कोर्ट का नहीं, चीफ सिकरेट्री को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

CG Bilaspur High Court News: नाराज चीफ जस्टिस ने कहा: सड़कें बनाना और उसे दुरुस्त रखना सरकारी एजेंसियों का काम है, हाई कोर्ट का नहीं, चीफ सिकरेट्री को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

CG Bilaspur High Court News: बिलासपुर। प्रदेशभर की सड़कों की बदहाली, लोगों की परेशानी और लगातार निर्देश के बाद भी काम ना होने से नाराज छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र ने कहा, सड़कें बनाना और उसे दुरुस्त करना सरकार और एजेंसियों का काम है, यह काम कोर्ट का नहीं है।

प्रदेशभर की सड़कों की बदहाली को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर बुधवार को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस कृष्ण राम महापात्र की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच में हुई। न्यायमित्राें ने कोर्ट को बताया कि बिलासपुर शहर से लेकर प्रदेशभर की सड़कों की हालत कमाेबेश ऐसे ही और इससे ज्यादा बदहाल है। नवरात्र प्रारंभ हो गया है और अब तक राज्य की सड़कों को ना तो सुधारा जा रहा है और ना ही विभाग के अफसर इस ओर गंभीरता के साथ ध्यान दे रहे हैं।

सरगुजा से लेकर कोरिया और रायपुर से लेकर बस्तर, कवर्धा राजनादगांव तक ऐसी कोई सड़क नहीं जिसे ठीक कहा जा सकता है। सरगुजा में तो सड़क ही नहीं है। जगह-जगह जानलेवा गड्ढे और इसी गड्ढे में चलने को लोग मजबूर हैं। दुर्घटनाएं भी लगातार घट रही है। लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ रही है।

जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव, अधिवक्ता प्रतीक शर्मा एवं आशुतोष कछवाहा उपस्थित रहे। पीडब्ल्यूडी ,एनएचएआई और स्थानीय निकायों द्वारा सड़क निर्माण और रखरखाव में बरती जा रही लापरवाही को लेकर हाई कोर्ट की नाराजगी सामने आई। नाराज कोर्ट ने सरकार, NHAI और बिलासपुर नगर निगम के कामकाज पर सवाल उठाए। नाराज कोर्ट ने कहा, सड़क बनाना और उसे दुरुस्त रखना सरकार, NHAI और नगर निगम का काम है, कोर्ट का नहीं है। कोर्ट के आदेशों का समुचित पालन नहीं होने पर डिवीजन बेंच ने गहरी नाराजगी जताई।

धनेली से विधानसभा रोड होते हुए एयरपोर्ट मार्ग की स्थिति पर भी संज्ञान

धनेली से विधानसभा रोड होते हुए एयरपोर्ट मार्ग की बदहाली को लेकर कोर्ट ने संज्ञान लिया। डिवीजन बेंच ने 8 अप्रैल 2025 के हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन के संबंध में चीफ सिकरेट्री को जानकारी पेश करने का निर्देश दिया है। जनहित याचिका की अगली सुनवाई के लिए डिवीजन बेंच ने नवंबर में, दीवाली त्योहार के बाद की तिथि तय कर दी है।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *