Amit Baghel: अमित बघेल की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज, कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इंकार

Amit Baghel: अमित बघेल की अग्रिम जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज, कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इंकार

दिल्ली. छत्तीसगढ़ जोहार पार्टी के प्रमुख अमित बघेल की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। गिरफ्तारी से बचने सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित को सुप्रीम कोर्ट ने न केवल फटकार लगाई बल्कि तीखी टिप्पणी की है।

अग्रिम जमानत याचिका दायर करने वाले अमित बघेल को राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि जहां-जहां FIR दर्ज हुई है, आरोपी को वहां की कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।

अमित बघेल की ओर से दर्ज सभी एफआईआर को क्लब करने की मांग पर कोर्ट ने कहा, आप अपनी ज़ुबान संभालकर रखें। राज्य पुलिस आएगी, आपको अपने-अपने राज्यों में ले जाएगी। पूरे देश की सैर का आनंद लीजिए। बता दें कि अमित बघेल पिछले 26 दिनों से फरार है, उन पर 12 राज्यों में FIR दर्ज है।

अमित बघेल की तलाश में पुलिस ने मोवा स्थित उनके परिचितों के घर छापा मारा था।

अमित बघेल की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट ने कोर्ट में सुनवाई के दौरान कहा था कि बयान स्वीकार्य नहीं थे, लेकिन गुस्से में दिए गए थे और किसी की भावनाएं आहत करने का इरादा नहीं था। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में पांच FIR दर्ज हैं, इसलिए अन्य राज्यों के मामले वहीं ट्रांसफर कर दिए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने दलील मानने से इनकार कर दिया। पीठ ने कहा कि वे इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगी और आरोपी को हर राज्य में दर्ज FIR के तहत प्रक्रिया का सामना करना होगा।

आपराधिक जांच में हस्तक्षेप से हाई कोर्ट ने किया इनकार

जोहार पार्टी प्रमुख व छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल की गिरफ्तारी और पुलिस जांच की निगरानी सहित अन्य मांग को लेकर दायर याचिका पर हाई कोर्ट के डिवीजन बेंच में सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने याचिका को खारिज कर दिया है। डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि आपराधिक जांच में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।

डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा है कि आपराधिक जांच में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता,ना हीकिसी आरोपी की गिरफ्तारी का निर्देश ही दिया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि जांच के तरीके या फिर सीनियर अफसर की निगरानी जैसा निर्देश देना आपराधिक जांच के माइक्रो लेवल पर मैनजमेंट जैसा होगा, यह कोर्ट के दायरे में नहीं आता।

रायपुर के अवंती विहहार निवासी अमित अग्रवाल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर हेट स्पीच के मामले में जोहार पार्टी प्रमुख अमित बघेल की गिरफ्तारी की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने डिवीजन बेंच के समक्ष पैरवी करते हुए आरोप लगाया कि जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के अध्यक्ष अमित बघेल लगातार भड़काऊ हेट स्पीच दे रहे हैं। सिंधी, जैन व अग्रवाल समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक बयानबाजी कर रहे हैं। अमित बघेल के खिलाफ कड़े एक्शन लेने के बजाय राज्य सरकार ढिलाई बरती रही है। याचिका की सुनवाई के बाद डिवीजन बेंच ने खारिज कर दिया है।

अमित पर पांच हजार का ईनाम

एफआईआर के बाद फरार अमित बघेल के ऊपर पुलिस ने पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित कर दिया है। अमित बघेल की सूचना देने वालों को यह ईनाम दिया जाएगा। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखा जाएगा।

12 वीं एफआईआर

क्रांति सेना के अध्यक्ष अमित बघेल के खिलाफ कर्नाटक की बेंगलुरु पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है। डिफेंस कॉलोनी इंद्रानगर निवासी रामकृष्ण पी ने अमित बघेल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। अमित खिलाफ यह 12 वीं एफआईआर है।

अमित के खिलाफ इन जगहों पर एफआईआर

रायपुर, दुर्ग, जगदलपुर, सरगुजा, रायगढ़, धमतरी, इंदौर, ग्वालियर, नोएडा, महाराष्ट्र, प्रयागराज व बेंगलुरु।

क्या है मूर्ति विवाद

26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना मौके पर पहुंची और जमकर हंगामा किया। इस दौरान क्रांति सेना और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी देखने को मिली।

रविवार के हंगामे के बाद, छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति दोबारा स्थापित कर दी गई। पुलिस ने सोमवार सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मानसिक रूप से बीमार है और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।

रायपुर पुलिस के मुताबिक आरोपी मनोज सारंगढ़ के पुसौर का रहने वाला है। आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है। परिजनों के मुताबिक आरोपी मानसिक रूप से बीमार है। सेंद्री और रांची में हो चुका है। वह गांव में पहले भी मारपीट कर चुका है।

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