CG News: बदल गया सचिवों का रोल: AC कमरे से बाहर सिक्रेट्री फील्ड में उतरे, CS के फरमान के बाद कल से सचिवों का संवाद शुरू

CG News: बदल गया सचिवों का रोल: AC कमरे से बाहर सिक्रेट्री फील्ड में उतरे, CS के फरमान के बाद कल से सचिवों का संवाद शुरू

CG News: रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन की ओर बढ़ रही सरकार अब अपने प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव करती दिख रही है। विभागों के सचिव यानी आईएएस अफसरों को मंत्रालय के अंदर ही अपने विभाग का कामकाज देखना होता था। अधिक से अधिक प्रभार वाले जिलों में जाकर सरकारी योजनाओं की समीक्षा करने की जिम्मेदारी मिलती थी। नए मुख्य सचिव विकास शील ने कार्यभार संभालते ही अलग अंदाज में काम शुरू कर दिया है। उन्होंने सचिवों को सरकारी फाइल निपटाने की जगह मैदानी जिम्मेदारी देने की भी शुरुआत कर दी है।

आमतौर पर सरकार की योजनाओं का प्रचार और सरकार की छवि बनाने की जिम्मेदारी जनसंपर्क विभाग की होती रही है। यह विभाग मुख्यमंत्री के अधीन है। विभाग के जनसंपर्क सचिव और जनसंपर्क आयुक्त के जरिए सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की खबरें मीडिया में जारी होती हैं। अब सोशल मीडिया में भी ऐसी खबरें जगह पाने लगी हैं। इसके अतिरिक्त सरकार की ओर से जब भी बात रखने की बारी आती है तो भी जनसंपर्क विभाग ही माध्यम बनता है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मीडिया को ब्रीफ करने की जवाबदारी भी किसी वरिष्ठ मंत्री को दी जाती रही है। वर्तमान में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ही ज्यादातर बैठकों के बाद कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हैं।

अब नए मुख्य सचिव विकास शील ने सभी विभागों के सचिवों को चुस्त- दुरुस्त रखने का काम शुरू कर दिया है। उन्होंने सभी सचिवों और प्रमुख सचिवों को हिदायत दी है कि वे सरकारी योजनाओं और उसके क्रियान्वयन की सूचनाओं व आंकड़ों से पूरी तरह अपडेट रहें। दरअसल, मुख्य सचिव का मानना है कि विभाग प्रमुख यदि चौकस रहेंगे और जमीनी हकीकत से अवगत रहेंगे तो जनता के हित में अधिक अच्छे से काम हो सकता है। इसी प्रयोग के तौर पर सभी सचिवों को कहा गया है कि वे नियमित रूप से विभाग की उपलब्धियों और योजनाओं को मीडिया से साझा करते रहें। मीडिया के जरिए सभी बातें जनता तक पहुंच सकेंगी। पहली बारी के रूप में 26 नवंबर को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं संरक्षण और राजस्व सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले बीते दो साल की विभागीय उपलब्धियों के साथ मीडिया के सामने उपस्थित होने जा रही हैं। नवा रायपुर में वे मीडिया को विभाग की उपलब्धियों के साथ आगामी योजनाओं की भी जानकारी देंगी।

इससे पहले ये भी हुआ

साय सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में है किसानों से धान की खरीदी करना। धान खरीदी केंद्र के ऑपरेटर हड़ताल पर थे, तब खरीदी की तैयारियों पर सवाल उठने लगे थे। 15 नवंबर की तारीख तय थी, लेकिन सरकार ने उससे पहले ही विभागों के सभी सचिवों को मैदान में उतार दिया और उन्हें अपने प्रभार वाले जिलों में जाकर तैयारियों की समीक्षा करने के आदेश दिए गए। आनन- फानन में सभी सचिव जिलों की ओर रवाना हो गए और दो दिनों के भीतर प्रदेशभर में धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा हो गई।

admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *