Raipur FIR news: धान खरीदी में बाधा डालने वाले 4 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के खिलाफ FIR

Raipur FIR news: धान खरीदी में बाधा डालने वाले 4 ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के खिलाफ FIR

रायपुर। धान ख़रीदी कार्य में व्यवधान खड़ा करने वाले चार ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के ख़िलाफ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है. रायपुर जिला प्रशासन ने लापरवाही बरतने वाले कृषि विभाग के इन अधिकारियों के ख़िलाफ़ कड़ा एक्शन लिया है.

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी में लगे सहकारी सोसाइटी के कर्मचारियों की हड़ताल पर सख्त एक्शन लेते हुए एस्मा लागू कर दिया है। एस्मा के तहत बिना वारंट गिरफ्तार करने का प्रावधान है। सरकार ने इस संदर्भ में अंतिम चेतावनी भी जारी कर दी है। अफसरों का कहना है कि एस्मा राजस्व या दीगर विभागों के कर्मचारियों की धान खरीदी में ड्यूटी लगाई गई है, उन पर भी लागू होगा।

राज्य सरकार ने एक आदेश जारी कर 15 नवम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 अर्थात खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की पूरे धान खरीदी तक धान खरीदी कार्य में लगे सभी कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act 1979) लागू कर दिया है।

राज्य शासन द्वारा जारी आदेश में लिखा है;आदेश के तहत धान खरीदी कार्य में ड्यूटी लगाई गई है। उक्त कार्य करने हेतु निर्धारित स्थान पर उपस्थिति नहीं दी या दिए गए ,कार्य नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act 1979) के तहत इंकार करना समझा जावेगा।

क्या है एस्मा , क्या होगी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम, 1979 के तहत अत्यावश्यक सेवा में कतिपय क्रियाकलापों का प्रतिषेध धारा 4 की उपधारा (1) के अधीन किये गये आदेश में विनिर्दिष्ट की गई तारीख से कोई भी ऐसा व्यक्ति जो अत्यावश्यक सेवा से संबंधित है, से इंकार करने या अन्य प्रकार से, पूर्ण या आंशिक कार्य-विराम का आश्रय नहीं लेगा। तो धारा 5 के उपबंधों में से उसक खण्ड (तीन) के उपबंधों को छोड़कर किसी भी उपबंध का उल्लंघन करेगा या उल्लंघन किये जाने की स्थिति में दंडनीय होगा। अत्यावश्यक धान खरीदी कार्य में तत्काल उपस्थिति नहीं दिये जाने पर उक्त अधिनियम के तहतसंबंधित दंडित जावेगा, जिसकी जवाबदारी स्वयं की होगी।

17 समिति प्रबंधक बर्खास्त

धान खरीदी कार्य में बाधा खड़ी करने वाले अलग अलग जिलों के 17 समिति प्रबंधकों को राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया है. शासन की सख्ती के बाद हड़ताली कर्मचारियों काम पर लौटने लगे हैं.

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