CG News: महिला क्लर्क बर्खास्त: बड़ा सवाल, फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद तीन साल तक करती रही नौकरी, 10 लाख वेतन भी मिला…

CG News: महिला क्लर्क बर्खास्त: बड़ा सवाल, फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद तीन साल तक करती रही नौकरी, 10 लाख वेतन भी मिला…

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CG News: बिलासपुर। किसानों की गाढ़ी कमाई को हड़पने वाली महिला क्लर्क खुशबू शर्मा को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर ने बर्खास्त कर दिया है। फर्जीवाड़े की पुष्टि के तीन साल बाद अब जाकर कार्रवाई हो रही है। इस बीच महिला क्लर्क नौकरी करती रही और वेतन भी मिलता रहा। सरकारी खजाने को तकरीबन 10 लाख चूना अलग से लगा है। सवाल यह उठ रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है। जांच रिपोर्ट आने और गड़बड़ी की पुष्टि के बाद भी तीन साल तक वेतन किस आधार पर दिया गया। वेतन के रूप में दिए गए तरकीबन 10 लाख रुपये की वसूली कहां से और कैसे होगी। महिला क्लर्क ने किसानों को चूना लगाया और बैंक अधिकारियों ने सरकारी खजाने को। क्लर्क के खिलाफ कार्रवाई में बरती गई लापरवाही को लेकर अब सवाल उठाए जा रहे हैं।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर के तोरवा ब्रांच में ढाई करोड़ रुपये गड़बड़ी के आरोप में महिला क्लर्क खुशबू शर्मा को बैंक प्रबंधन ने नौकरी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। किसानों की गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा हड़पने वाली क्लर्क को बर्खास्त करने के अलावा बैंक ने पांच बांच मैनेजर और दो आपरेटरों पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए तीन-तीन वेतनवृद्धि रोकने का आदेश जारी कर दिया है।

जिला सहकारी बैंक की तोरवा मंडी शाखा में कार्यरत लिपिक सह-कंप्यूटर ऑपरेटर खुशबू शर्मा पर किसानों के ढाई करोड़ रुपए की गड़बड़ी करने का आरोप है। इस राशि की वसूली अब खुशबू शर्मा से की जाएगी। बता दें कि खुशबू शर्मा के पति को दो वर्ष पहले सदर बाजार शाखा में गड़बड़ी के आरोप में बर्खास्त किया गया था।

तोरवा शाखा मंडी में खुशबू शर्मा 2012 से बैंक में कार्यरत थीं और 2014 में उन्हें कैशियर बनाया गया था। आरोप है कि 2015 से 2022 तक वे किसानों से प्राप्त धनराशि को पासबुक में दर्ज तो करती थीं, लेकिन बैंक में जमा न कर अपने पास रखती थीं। यह गड़बड़ी सात साल तक चलती रही और किसी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। मामला तब सामने आया जब एक किसान ने शाखा प्रबंधक हितेश सलूजा से शिकायत की।

कैशियर बनने के बाद गड़बड़ी को दिया अंजाम

खुशबू शर्मा 2012 से बैंक में कार्यरत थीं और 2014 में उन्हें कैशियर बनाया गया। आरोप है कि वह किसानों से ली गई राशि को पासबुक में तो दर्ज करती थीं, लेकिन उसे बैंक में जमा करने के बजाय अपने पास रखती थीं। खुशबू शर्मा के पति शशांक शास्त्री पर सदर बाजार शाखा में बैंक कंप्यूटर की आईडी का दुरुपयोग कर 40 लाख रुपए के गबन का आरोप था। जांच में दोषी पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था।

इनकी रोकी गई इंक्रीमेंट

तोरवा मंडी शाखा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक सुनील पनारे, देवदत्त साहू, चंद्रकुमार तिवारी, उमेश शुक्ला, हितेश सलूजा और कंप्यूटर ऑपरेटर मनोज कश्यप व विभा रानी के खिलाफ तीन-तीन वेतनवृद्धियां रोकने का आदेश जारी किया गया है।

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